खजूर में मौजूद पोषक तत्वरासयनिक विश्लेषकों के अनुसार सौ ग्राम खजूर में 04 ग्राम चर्बी, 12 ग्राम प्रोटीन, 338 ग्राम कार्बोदित पदार्थ, 22 मिलीग्राम कैल्शियम, 38 मिलीग्राम फास्फोरस होते हैं। इसके अलावा विटामिन ए, बी, सी, प्रोटीन, लौह तत्व, पोटेशियम व सोडियम आदि तत्व पाए जाते हैं।
खजूर के लाभ– शारीरिक व मानसिक कमज़ोरी दूर करने के लिए खजूर के व्यंजन बहुत उपयोगी हैं। पाक बनाने के लिए 200 ग्राम खजूर, 60 ग्राम चिलगोजा गिरी, 60 ग्राम बादाम गिरी, 240 ग्राम काले चने का चूर्ण, आधा किलो गाय का घी व दो लीटर दूध तथा आधा किलो गुड़ की ज़रूरत पड़ती है। इन सबको मिलाकर पाक बना लें और प्रतिदिन 50 ग्राम गाय के दूध के साथ लेने से मानसिक व शारीरिक कमज़ोरी दूर हो जाती है।
– पेशाब का रोग दूर करने में छुहारा लाभकारी है। बुढ़ापे में बार-बार पेशाब आने की समस्या हो तो प्रतिदिन दो छुहारों का सेवन करना चाहिए, यह दूध के साथ लेने से ज्यादा लाभ करता है। बच्चा यदि रात को बिस्तर पर पेशाब करता हो तो उसे रात को दूध में छुहारे उबालकर पिलाना चाहिए। इससे मसानों को शक्ति मिलती है।
– छुहारे के सेवन से मासिक धर्म खुलकर आता है और कमर दर्द में राहत मिलती है।
– खजूर रात को सोते समय पानी में भिगो दें और सुबह दूध या घी से खाएं तो हृदय व मस्तिष्क को ताकत मिलेगी।
– रक्त की वजह से होने वाली हृदय की धड़कन व एकाग्रता के लिए विशेष लाभकारी है।
– खजूर में पर्याप्त मात्रा में चीनी, वसा व प्रोटींस पाए जाते हैं। इसका नियमित सेवन रक्त व मांस की वृद्धि करता है तथा शरीर को पुष्ट करता है।
Reading Khajoor Benefits in Hindi…– गाय के घी या बकरी के दूध के साथ खजूर लेने से शुक्राणुओं की वृद्धि होती है। यह अधिक मासिक स्राव, खांसी, चक्कर आना, कमर दर्द, क्षय रोग, हाथ-पैरों के दर्द तथा उनके सुन्न होने व थायराड से संबंधित रोगों में खजूर के लाभ देखने को मिलते हैं।
– यह शरीर से नशे की वजह से पैदा हुए जहर को बाहर निकालता है। पांच-सात खजूर अच्छी तरह से धुलकर रात को भिगो दें व सुबह दूध या घी के साथ खाएं। बच्चों को दो से चार खजूर ही देना चाहिए।
– 3-4 खजूर गर्म पानी में धुलकर गुठली निकाल दें। गाय के दूध में उबालकर पीने से लो बल्डप्रेशर ठीक हो जाता है।
– कब्ज दूर करने के लिए सुबह-शाम तीन छुहारे खाकर गर्म पानी पीना चाहिए।
– डायबिटीज के रोगी कम मात्रा में खजूर का सेवन कर सकते हैं।
– खजूर की गुठली जलाकर राख बना लें। इसे पुराने घावों पर लगाने से घाव ठीक हो जाते हैं।
– खजूर की गुठली का सूरमा आंखों में लगाने से आंखों के रोग विदा हो जाते हैं।
– घी में छुहारा भून लें। इसका सेवन दिन में दो-तीन बार करने से खांसी व बलगम में लाभ होता है।
– सिर के जुएं मारने के लिए खजूर की गुठली घिसकर सिर पर लगाया जाता है।
खजूर की चटनी बनाएं
खजूर के लाभ जानने के बाद आप खजूर की चटनी बनाना भी सीख लें। इसे बनाने के लिए खजूर 200 ग्राम, इमली 100 ग्राम, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर व आधा चम्मच भुना जीरा, चौथाई चम्मच काला नमक लें। खजूर की गुठली निकाल कर धुल लें और एक कप पानी में डाल दें। दो घंटे बाद उसे निकालकर पांच मिनट पकाएं और और पीस लें। इसमें शेष सभी सामग्री डालकर अच्छी तरह मिला लें, अब चटनी तैयार हो गई।